: एसईसीएल एटक के महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ऋचा रानी सिंह को करो ना आपदा काल योद्धा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित कियासंतोष चौरसिया

: एसईसीएल एटक के महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ऋचा रानी सिंह को करो ना आपदा काल योद्धा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया
संतोष चौरसिया

: एसईसीएल एटक के महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ऋचा रानी सिंह को करो ना आपदा काल योद्धा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया
संतोष चौरसिया

अनूपपुर  रानी सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी बनगवां (राजनगर )जिला अनूपपुर को करो ना के बचाव में बेहतर सेवा देने के लिए एसईसीएल एटक के महामंत्री ,कंपनी संचालन समिति के सदस्य जेबीसीसीआई सदस्य (वैकल्पिक )एवं एटक मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह ने करो ना काल में मरीजों की सेवा, टीका के लिए प्रोत्साहन, करने सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन कराने में अग्रणी भूमिका निर्वहन करने में, तथा ब्लॉक और जिले के साथ तालमेल बनाकर के बेहतर वातावरण बनाने का प्रयास ऋचा रानी सिंह ने किया है! एटक एसईसीएल के जनरल सेक्रेटरी कामरेड हरिद्वार सिंह ने 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर एसईसीएल के समस्त नर्सेज को करो ना आपदा काल योद्धा सम्मान पत्र से सम्मानित किया है !इसी तारतम्य में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती ऋचा रानी सिंह को अपने निवास पर करो ना आप दा काल योद्धा जैसे प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है इस अवसर पर श्रीमती ऋचा रानी सिंह ने कहा कि सम्मान किसी भी धन से बहुत ऊपर होता है मैं व्यक्तिगत तौर से मैं एसईसीएल के एटक यूनियन के महामंत्री  एवं एटक मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह की आभारी हूं कि महामारी में किये गए हमारे सेवा को उन्होंने समझा है और प्रशस्ति पत्र दिया है यह व्यक्तिगत केवल मेरा सम्मान नहीं है बल्कि समूचे हमारे स्वास्थ विभाग का किया गया सम्मान है वैसे भी एसईसीएल से हमारा गहरा संबंध है और कहीं ना कहीं एसईसीएल एवं एसईसीएल के अधिकारी कर्मचारी हमारे दिलों में स्थान रखते हैं इस प्रशस्ति पत्र प्राप्ति के बाद मैं विश्वास दिलाती हूं कि और अधिक लग्न और मेहनत से काम करूंगी ताकि कोई भी कर्मचारी आम जनता हमारे सामुदायिक केंद्र में अपनी पीड़ा को लेकर के आए तो उसे निराश होकर के जाना न पड़े

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