एसईसीएल के संचालन समिति के सदस्य केंद्रीय चिकित्सालय का किया निरीक्षणकोविड-19 योद्धाओं से की 121 चर्चा स्वास्थ्य को लेकर छत्तीसगढ़ में और भी कार्य करना जरूरी - हरिद्वार सिंह

एसईसीएल के संचालन समिति के सदस्य केंद्रीय चिकित्सालय का किया निरीक्षण

कोविड-19 योद्धाओं से की 121 चर्चा 

स्वास्थ्य को लेकर छत्तीसगढ़ में और भी कार्य करना जरूरी - हरिद्वार सिंह

 जमुना बदरा।  सेंट्रल अस्पताल मनेंद्रगढ़ में एटक एसईसीएल के महामंत्री एवं एसईसीएल के संचालन समिति के सदस्य कामरेड हरिद्वार सिंह दौरा किए इस मौके पर उपस्थित सी एच एम के समस्त चिकित्सकों के साथ डॉक्टर नम्रता सिंह ने कामरेड हरिद्वार सिंह से अस्पताल की गतिविधियों के बारे में विस्तार से चर्चा किया कामरेड हरिद्वार सिंह उपस्थित सभी चिकित्सकों को इस बात के लिए सराहना किया की covid-19 जैसे महामारी का मुकाबला करने में निजी अस्पतालों के मुकाबले एसईसीएल के अस्पताल में बेहतर परिणाम दिए हैं और उन्होंने चिकित्सकों से अपील किया कि आप मानवीय दृष्टिकोण से कर्मचारियों का या अन्य मरीजों का इलाज करें निश्चित रूप से आपकी यश और ख्याति दोनों बढ़ेंगे सीएमओ डॉ नम्रता सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य शासन के पास ब्लड बैंक सीएचएम में प्रारंभ करने का प्रस्ताव पड़ा है कामरेड हरिद्वार सिंह ने तत्काल छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री माननीय टी एस सिंह देव से टेलीफोन पर बात किया माननीय श्री टी एस सिंह देव जी दिल्ली में हैं उन्होंने कहा तत्काल निर्देश ब्लड बैंक प्रारंभ करने का छत्तीसगढ़ शासन से भेजें आएंगे इस खबर से सारे चिकित्सकों में और मजदूरों में तथा मनेंद्रगढ़ के जागरूक व्यापारियों में खुशी की लहर फैल गई चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत काम करने की जरूरत है एसईसीएल का दायित्व भी बहुत बड़ा है उन्होंने यह भी कहा की अभी 86 डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया एसईसीएल में चल रही है जिसमें 52 स्पेशलिस्ट 32 जीडीएमओ तथा दो डेंटिस्ट लिए जाएंगे 86 डॉक्टरों के पद के लिए 1800 आवेदन आए हैं यह कहना गलत है की एसईसीएल में कोई डॉक्टर आना नहीं चाहता है हमारी कोशिश है कि आने वाले समय में पैरामेडिकल स्टाफ नर्सेज फार्मासिस्ट एवं दूसरे टेक्निशियन की भी एसईसीएल भर्ती करें ताकि एक समृद्ध संपूर्ण सुविधा युक्त केंद्रीय अस्पताल मनेंद्रगढ़ को गेवरा को एवं धनपुरी को बनाया जा सके एक प्रश्न के उत्तर में कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा महामारी के दौर में 70 मरीजों की भर्ती उन्होंने विभिन्न अस्पतालों में बिलासपुर एवं रायपुर प्रयास करके कराई कईयों की जान बची इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कुछ भी नहीं हो सकता है।

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