*स्वयं पर लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों को युवक ने सपथ पत्र देकर बताया निराधार*
_शिकायतकर्ता महिला की लड़की कॉलिरी कर्मचारी विनोद कुमार बजाज के घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने जाती थी, जिसके कारण हुई थी जान पहचान, युवक के अनुसार शिक्षिका के कहने पर सहयोग के तौर पर शिक़ायतकर्ता महिला के एल आई सी एजेंट को दी थी 30400 रुपए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन व 15000 रुपए नगद की राशि, शिक्षिका प्रीति कुशवाहा को भी 5000 रुपए नगद व 5000 रुपए कीमत का पलंग दिए जाने की कही बात, सिक्युरिटी के तौर पर कॉलिरी कर्मचारी ने ली थी 60000 रुपए की राशि का चेक, अहिल्या बाई के द्वारा 30000 रुपए लौटाए जाने की बात को किया स्वीकार, बाद में धमकी व आरोपों के दबाव में चेक व 35000 रुपए नगद अहिल्या बाई को वापस करने की दी जानकारी, रंजिशन फंसाने की कोशिश किए जाने का लगाया आरोप, कॉलिरी कर्मचारी ने उपरोक्त मामले को लेकर कोतमा थाने में कराई शिकायत दर्ज_
कोतमा/ अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र में गोविंदा में एक घटना सामने आई, जिसमें एक कॉलिरी कर्मचारी पर फर्जी बीमा एजेंट बनकर एक महिला के साथ धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया था। मिली जानकारी के अनुसार विनोद कुमार बजाज नामक कॉलिरी कर्मचारी पर गोविंदा निवासी महिला अहिल्याबाई फर्जी बीमा एजेंट बनकर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। विनोद कुमार बजाज पिता स्वर्गीय शहजाद बजाज उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम गोविंदा कॉलरी न्यू डबल स्टोरी क्वार्टर नंबर 492 थाना व तहसील कोतमा जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश का निवासी है, जिसने उपरोक्त समस्त आरोपों को गलत व निराधार बताया है और जिसने शपथ करते हुए बताया कि मेरे ऊपर अहिल्या देवी कुशवाहा के द्वारा फर्जी एवं झूठी शिकायत थाना कोतमा में की गई है। आवेदक ने जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त महिला ने मेरे ऊपर साठ-साठ हजार के तीन चेक लेकर धोखाधड़ी किए जाने एवं एल आई सी के नौ पॉलिसी घर से फर्जी एजेंट बनकर ले जाने का आरोप लगाया लगाया है, जो कि पूर्णतः झूठा एवं निराधार है। आवेदक विनोद कुमार बजाज ने बताया कि मेरे घर उपरोक्त महिला की पुत्री प्रीति कुशवाहा बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए आती थी, जिस कारण से मेरी जान पहचान थी। जिसके कारण मैं प्रीति कुशवाहा के कहने पर उनके एल आई सी एजेंट नर्बद पटेल के खाते में ₹30400 रुपए ट्रांजैक्शन किया एवं ₹15000 रुपए नगद दिया, साथ ही ₹5000 प्रीति कुशवाहा को नगद दिया एवं ₹5000 रुपए का पलंग प्रीति कुशवाहा को दिया, जिसके बदले में सिक्योरिटी के तौर पर प्रीति कुशवाहा की छोटी बहन प्रिया कुशवाहा से 60000 रुपए का चेक प्राप्त किया था। आवेदक ने बताया कि ₹30000 रुपए अहिल्याबाई के द्वारा मुझे सेंट्रल बैंक के पास वापस किया गया था, जिसके एक-दो माह के बाद मेरे द्वारा दिनांक 27 मार्च 2021 को ₹60000 का चेक एवं ₹35000 नगद अहिल्याबाई व उनके सहयोगी नयूम खान को तहसील न्यायालय कोतमा के सामने दिया गया था, जिसके बतौर साक्षी सुनीता पासी स्वर्गीय भगवानदीन पासी समक्ष में मौजूद थे। मेरे द्वारा संपूर्ण राशि अहिल्याबाई को वापस कर दी गई है। मुझे झूठा व रंजिशन फंसाने की कोशिश की जा रही है, बल्कि पूर्व में मेरे द्वारा ₹60000 के लगभग की जो राशि दी गई थी, वह भी देने से मुकर रहे हैं और झूठे केस एवं बलात्कार में फंसाने की धमकी दी जा रही है। विनोद कुमार बजाज ने बताया कि मैं एक कॉलिरी कर्मचारी हूं, मुझे नाजायज तरीके से फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है, जिस कारण से मैं मानसिक रूप से प्रताड़ित हूं एवं डर के मारे मैं अपना क्वार्टर छोड़कर अपने रिश्तेदार के यहां भालूमाड़ा में जाकर जान बचाकर रह रह रह रहा हूं एवं लुक छिप कर ड्यूटी कर रहा हूं। उसने बताया कि दिनांक 5 अप्रैल 2021 को मैं कॉलिरी में काम करने गया था, तब मेरे घर में रात्रि लगभग 8:00 बजे चार-पांच लोग घुस कर मेरे बीवी बच्चों एवं मां को जान से मारने की धमकी दे रहे थे एवं ₹200000 की मांग कर रहे थे एवं जब मैं वापस आ रहा था, तब रात्रि 11:00 बजे रास्ता रोककर मारपीट करने लगे, जिसकी शिकायत मेरी मां के द्वारा अ. जा. क. थाना अनूपपुर में की गई थी, आज दिनांक लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। विनोद कुमार बजाज ने मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने मेरा जीना खाना हराम कर रखा है, मुझे अलग-अलग नंबरों से जान से मारने की धमकी दी जाती है एवं मेरे ऊपर फर्जी तरीके से आरोप लगाकर झूठी शिकायत की गई है। कॉलिरी कर्मचारी विनोद कुमार बजाज ने बताया कि फर्जी बीमा एजेंट कहकर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि मैंने आज तक किसी प्रकार के बीमा कंपनी के नाम पर किसी से कोई पैसे नहीं लिए हैं और न ही मैं किसी बीमा कंपनी का एजेंसी लिया हूँ। सारी बातें निराधार हैं और मेरे विरुद्ध साजिश की जा रही है। उपरोक्त संदर्भ में विनोद कुमार बजाज ने सपथ पत्र देते हुए कोतमा थाने में शिकायत दर्ज कराई है और न्यायोचित कार्यवाही की मांग की है।
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