बरसात की पहली बून्द ने बिजली व्यवस्था की चौपट,बिजली विभाग की नाकामी आने लगी सामने
संतोष चौरसिया ,प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट
अनूपपुर :- अनूपपुर जिले में इस समय सबसे ज्यादा चर्चित विषय बनते जा रहा बिजली विभाग जंहा एक ओर बिजली विभाग द्वारा महीने में 2-3दिन मेंटिनेंस के नाम पर बिजली बंद करके बिजली विभाग करते आ रही आमजनता से मजाक करते आ रही है इतने मेंटिनेंस लगाने बावजूद भी ग्रामीणों में बिजली व्यवस्था चौपट रहती है एक तरफ सिंगल फेसिंग का बोझ सिर्फ ग्रामीण पर लाद दिया गया उसके बाद सिंगल फेस लाइट देने में भी बिजली कर्मचारी रहे नाकाम ,असल मे कहा जाए तो अब सरकार और बिजली विभाग गांव और शहरों में भेदभाव करते हुए तमासा बना कर रखी है जबकि पूरी दैनिक उपयोग उपभोग की ज्यादातर सामग्रियां सब्जी अनाज गांव से ही उपलब्ध हो पाते हैं ऐशे में ग्रामीणों के किसानों को ही बर्बाद करने की कोशिश पर तुली सरकार एवम बिजली विभाग,यदि सरकार और बिजली विभाग का फैसला है कि गांव में सिंगल फेसिंग किया जाए तो कम से कम लाइन कर्मचारियों का इतना तो नाकामी दूर करना चाहिए कि कम से सिंगल फेस ही प्रदान करवा सके बिना किसी रूकावट के कारण की जब तक ae साहब सुशील यादव जी हमारे क्षेत्र में थे तब तक किसी न किसी तरह से बिजली व्यवस्था बनाये रखने में सफल थे ,पर पहली बरसात में ही बिजली विभाग की नाकामी सामने आने लगी थोड़ी सी बूंदा बन्दी भी होने लगी तो गांव क्षेत्र की बिजली बंद कर दी जाती है तो क्या पानी की बूंद में सिर्फ गांव की बिजली व्यवस्था ही ठप होती है शहर की क्यों नही इसका मतलब तो यही साबित होता है कि ग्रामीण क्षेत्र में कर्मचारी की नाकामी और लापरवाही के चलते ही गांव की आमजनता रहती है परेशान।
अब इसी तरह पोंडी चोंडी में बिजली व्यवस्था आये दिन चौपट रहने लगी बरसात की पहली लहर ने ही बिजली व्यवस्था की पोल खोल डाली ऐशे में लाइन मैन का कहना कि मैं बूढा हो चुका हूं खम्भे में चढ़ नही सकता और मेरे उच्च अधिकारी द्वारा कोई नजदीक का सहयोगी नही दिया जा रहा जिसके चलते छोटी से छोटी समस्याओं में भी बिजली व्यवस्था बाधित रहती है और इसी समस्याओं पर अब ग्रामीण के लोगों में आक्रोश देखने को मिल रही और गांव के लोग अब बिजली नही तो बिल नही का ठान रहे ऐशे में क्या बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी नाकाम सेवाओं को दुरुष्ट कर पाएंगे या सिर्फ शाशन से पेमेंट लेकर सिर्फ बहानों का अंबार ही लगा रखेंगे ।
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