प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट
अनूपपुर :- अनूपपुर जिले में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र ही ज्यादा हैं जिनमे सुविधाओं की कमी के साथ साथ जागरूकता की भी कमी है जिसमे माना जाए तो ग्राम पोंडी चोंडी अनूपपुर जिले के बड़ा गांव है जिसमे हर तरह के सुविधायें तो नही है हॉस्पिटल है पर काम चलाऊ ही कहलाता है इस कोरोना महामारी जैसे गंभीर बीमारियों में भी शाशन प्रशासन नही लेने वाला है सुध असल मे कहा जाए तो इस गांव के 50 परशेन्ट लोग बीमारी की चंगुल में फंसे हैं हर तीसरे घर मे बुखार शर्दी की समस्या बनी हुई है जिसमे जगरुक्ताओं की कमी के कारण गांव के लोग ऐशे गम्भीर समस्यायें को भी हल्के में ले रहे और झोला छाप डॉक्टर इसका फायदा उठाते हुए दवाई कर कर आम जनता के जिंदगी से खेल खेल कर भर रहे अपनी जेब परंतु शाशन प्रशाशन नही करा पा रही covid टेस्ट की सुविधा चारो तरफ गांवों में झोला छाप डॉक्टर लोग बुखार शर्दी को नॉर्मल समझकर कर रहे ट्रीटमेंट जिससे कि और संक्रमण फैल रहा झोला छाप डॉक्टर ही फैला रहे ग्रामीणों में संक्रमण
इनका कहना है:- पोंडी चोंडी एक जाना माना और बड़ा गांव के नाम से ही जाना जाता है इस गांव में भारी जनसँख्या है जिनमे अभी कहा जाए तो हर घर मे 2-3लोग शर्दी बुखार से ग्रस्त हैं,अब यह पता नही चलता कि यह बुखार कौन सी वाली है शाशन को चाहिए कि पोंडी उपस्वास्थ्य केंद्र में covid टेस्ट की सुविधा मुहैया कराई जाए और उन तमाम झोला छाप डॉक्टरों पर भी नकेल कसी जाए ।
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