ज़मुना कोतमा क्षेत्र मे ठेकेदारों हुआ निरंकुश स्टाफ़ अधिकारी सिविल ने साधी चुप्पी

ज़मुना कोतमा क्षेत्र मे ठेकेदारों हुआ निरंकुश 
स्टाफ़  अधिकारी सिविल ने साधी चुप्पी 

ज़मुना कोतमा का  सिविल विभाग और उसके स्टाफ़  अधिकारी रोज अपने कारनामो के कारण सुर्खियों  मे बने हुये रहते हैँ l  श्रमिक  त्रस्त  है  परंतु सिविल विभाग मस्त है l  कोयला मजदूर अटूट  मेहनत से कोयला उत्पादन कर थका-हारा  घर आता है  तब उसे आवास-पानी-गंदगी की समस्या से रूबरू होना पड़ता है  l  यह उसके दैनिक  जीवन का  एक क्रम बन चुका हैl क्योकि  सिविल विभाग मे उसकी कोई  सुनवाई  नही होती है l  उपर से जो थोडे-बहुत काम होने क वर्क आर्डर हुआ भी तो वह काम भी भ्रष्टाचार की  भेंट चढ जाता है  l  नातीजा  यह होता है  की तय मानक  और गुणवत्ता का  कार्य होता ही नही है,बचा-कुचा  कसर  सिविल के अधिकारी कर्मचारी  लीपा -पोती कर पूरा कर देते है  l  
उदाहरण  के तौर पर एक निरंकुश ठेकेदार  जो की ज़मुना कॉलोनी मे सफाई का  ठेका लिया है  उसके द्वारा  सफाई के कचरे को दूर फेंकने  के खर्चे से बचाव के कारण क्षेत्र के महाप्रबंधक के  आवास के पास स्थित सीमेंट की पक्की नालियों मे भरवा  कर उसमे आग लगवा कर अपने कार्य की खाना पूर्ति करता  है  l  तब क्या  सिविल विभाग का  ज़मुना टाऊँन के इंजीनियर  का  यह कर्तव्य नही होता की जाकर देखे की ठेकेदार  क्या  और कैसे कार्य कर रहा है  l  वैसे भी गर्मी का  समय है ,कई जगह आग भी इसी माह लग चुका है  l  उपर से ज़ानबुझकर ठेकेदार  द्वारा  पक्की नाली को नुक़सान पहुचाया गया l  कोयला मजदूर सभा (एच एम  एस ) के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री श्रीकांत शुक्ला ने इस  संदर्भ मे बताया की इसमे पूरा दोष  सिविल के अधिकारियों  का  है  l  क्योंकि  जबसे नये  स्टाफ़  अधिकारी पदस्थ हुये है  तबसे इस  प्रकार के  कृत्य जो की कंपनी और श्रामिक हित  के लिये घातक  हैं, उनमे दिन प्रतिदिन  बढोत्तरी होते जा  रहा  है  l

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ