खुशियों की दास्ताँ
आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बना गणेश आजीविका स्व सहायता समूह
समूह से ऋण लेकर समूह सदस्य कर रहे हैं विभिन्न आय मूलक गतिविधियां
समूह सदस्यों ने किया 31.93 लाख रू का आंतरिक लेनदेन
अनूपपुर 12 जनवरी 2023/ मन मे लगन, ईमानदारी और दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो कोई भी कार्य कठिन नहीं है यह चरितार्थ किया है, जिले के आदिवासी विकासखण्ड पुष्पराजगढ़ अन्तर्गत ग्राम पंचायत धरहरकला के गणेश स्व सहायता समूह ने, जिसका गठन 15 जुलाई 2012 में 13 सदस्यों को मिलाकर किया गया था। जिला मुख्यालय से ग्राम धरहरकला की दूरी लगभग 40 कि.मी. एवं विकासखण्ड मुख्यालय पुष्पराजगढ़ से ग्राम की दूरी लगभग 10 कि.मी. है।
म.प्र.राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रारंभ होने के उपरांत ग्राम धरहरकला में स्व सहायता समूह के गठन का कार्य प्रारंभ किया गया ताकि शासन की मंशानुरूप समाज के पिछडे एवं वंचित परिवार की महिलाओं को स्व सहायता समूह से जोड़कर उनका आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण किया जा सके। ग्राम मे सीआरपी ड्राइव के माध्यम से लगातार सम्पर्क कर ग्रामीण महिलाओ को समूह से जुड़ने के लिये प्रेरित किया गया तथा कुल 18 स्व सहायता समूहो का गठन किया गया।
31.93 लाख रू. का आंतरिक लेनदेन कर सशक्त समूह की मिशाल बना गणेश समूह
ग्राम में गठित समूहों में से एक समूह गणेश स्व सहायता समूह है, जिसका गठन 15 जुलाई 2012 को एसटी वर्ग की 13 महिलाओं को मिलाकर किया गया। गणेश स्व सहायता समूह की अध्यक्ष प्रमिला सिंह बताती हैं कि हमारे समूह में सभी महिलायें 25 रूपये साप्ताहिक बचत करती हैं तथा समूह में प्रत्येक सदस्य की कुल बचत 13550 रूपये है, समूह की कुल बचत 1 लाख 63 हजार रूपये हो चुकी है। समूह के सदस्यों ने समूह से कुल 113 बार ऋण लिया है। समूह की कुल इन्टर लोनिंग अर्थात आंतरिक लेनदेन 31.93 लाख रूपये की है। जिले में आंतरिक लेनदेन के मापदंड में कुल गठित समूहों की तुलना में गणेश समूह का लेनदेन सबसे ज्यादा है। समूह को अब तक लगभग साढ़े तीन लाख रूपये के आस-पास समूह सदस्यों से ब्याज प्राप्त हो चुका है। गणेश समूह की बैंक से नकद साख सीमा 09.50 लाख रू की जारी की जा चुकी है ।
गणेश स्व सहायता समूह के सभी सदस्य दो से तीन आजीविका गतिविधियां कर रहे हैं। जिसमें से दो समूह सदस्य कृषि के साथ-साथ समूह से ऋण लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कार्य कर रहे हैं एवं समूह के अन्य दस सदस्य समूह से ऋण लेकर सब्जी उत्पादन एवं विक्रय का कार्य कर रहे हैं। समूह की एक सदस्य कृषि के साथ बकरी पालन व्यवसाय का कार्य कर रही हैं। विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से समूह के तेरह सदस्यों मे से नौ सदस्यों की मासिक औसत आय पंद्रह से बीस हजार रूपये एवं चार सदस्यों की औसत आय दस से पंद्रह हजार रूपये है।
यह समूह जिले में गठित समस्त समूहों की तुलना में सबसे ज्यादा आंतरिक लेनदेन कर चुका है, निःसंदेह शासन की मंशानुरूप समूह की अवधारणा को आत्मसात करते हुये गणेश समूह ने अन्य समूहों के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह समूह अपने साथ-साथ ग्राम के अन्य समूहों को भी मिशन की अवधारणा के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
गणेश समूह में शामिल समस्त सदस्य म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिषन से जुड़ कर बहुत खुश हैं। सभी सदस्यों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रही हैं। समूह के सदस्य अपने परिवार का भरण-पोषण अच्छी तरह से कर रहे हैं और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिये अच्छी शिक्षा दिला पा रहे हैं, जिसमे स्व-सहायता समूह की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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