*एटक के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अमरजीत कौर 7 फरवरी 2023 को एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगी हरिद्वार सिंह*
7 फरवरी 1976 मध्य प्रदेश एवं हिंदुस्तान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है कोयला मजदूरों किसानों एवं गरीब आदमी के लिए जान हथेली पर लेकर चलने वाला बहादुर योद्धा कामरेड मदन मोहन सिंह का शहादत दिवस है कोयला उद्योग में न कोई मदन मोहन सिंह अब तक पैदा हुआ है और न भविष्य में कोई पैदा हो सकता है कोयला खदान जब निजी मालिकों के हाथों में थी तो मजदूरों का अभूतपूर्व शोषण हो रहा था कोयला मजदूरों की हालत जानवरों से भी बदतर थी ना कोई कायदा कानून था मैं उनकी बात कोई करने वाला था ऐसे समय में बिहार के पटना के पास बाग मझउवा गांव में पैदा हुआ क्रांतिकारी लाल मदन मोहन सिंह नौकरी की तलाश में मध्यप्रदेश आए अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने के कारण उन्हें नौकरी से मालिकों ने निकाल दिया किंतु मदन मोहन सिंह कहां हार मानने वाले थे वह हमेशा कहते थे उनकी मृत्यु सीने पर गोली खाने से ही होगी सामान्य मौत नहीं होगी कितनी बार जेल गए कितने बार उनके ऊपर जानलेवा हमले हुए किंतु हर बार बचजाते थे 1 दिन ऐसा हुआ 7 फरवरी 1976 को सत्ता के इशारे पर अपराधियों ने मदन मोहन सिंह के सीने में गोली उतार दी और उनकी मृत्यु हो गई तब से हर साल कोयला मजदूर एवं लाल झंडे के सिपाही उनके नाम पर बने शहीद स्मारक के समक्ष इकट्ठा होकर फूल चढ़ाकर याद करते हैं इस साल जमुना कोतमा क्षेत्र एवं एसईसीएल की केंद्रीय कमेटी ने तय किया है की कामरेड मदन मोहन सिंह की मूर्ति लगाई जाएगी और 7 फरवरी 2023 को अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अमरजीत कौर मूर्ति का अनावरण करेंगी जमुना कोतमा क्षेत्र के इतिहास में यह पहला अवसर है जब एटक की राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अमरजीत कौर शहीद कामरेड मदन मोहन सिंह के मूर्ति का अनावरण करेंगे एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेबीसीसीआई के सदस्य एवं एसकेएमएस एसईसीएल के केंद्रीय महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है की तैयारी के संबंध में 16 जनवरी को जमुना कोतमा क्षेत्र में एक बैठक बुलाई गई है कैसे बेहतर से बेहतर कार्यक्रम किया जाए चिंतन मंथन किया जाएगा
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