जमुना कोतमा क्षेत्र में एटक के वेलफेयर कमेटी सदस्यों के द्वारा कई कामों का निरीक्षण किया गया

जमुना कोतमा क्षेत्र में एटक के वेलफेयर कमेटी सदस्यों के द्वारा कई कामों का निरीक्षण किया गया
संतोष चौरसिया
 जमुना कोतमा क्षेत्र में एटक के कल्याण समीति के सदस्यो कामरेड निशा मिश्रा ,कामरेड अयाज अहमद स्टाफ ऑफिसर सिविल  जी पी अग्रवाल सिविल इंजीनियर  आरके सिंह सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती गीता विश्वकर्मा आदि ने सड़क निर्माण के गुणवत्ता मटेरियल आदि की जांच की जमुना कोतमा क्षेत्र में विगत 5 वर्षों में किसी प्रकार का कल्याणकारी काम नहीं हुआ था और यहां तक डिसेंट हाउसिंग के काम की जांच सीबीआई ने एसईसीएल में पहली बार कहीं अगर किया था तो जमुना कोतमा क्षेत्र में किया था एक तरह से जमुना कोतमा क्षेत्र बदनाम क्षेत्र हो गया था लेकिन एसओसी अग्रवाल एवं सुधीर कुमार महाप्रबंधक के आने के बाद निश्चित रूप से सिविल के कामों की शुरुआत हुई है महामारी काल में 20 दिन के अंदर दो कोबिड़-19 के बचाव के लिये बना लेना जिसकी तारीफ कलेक्टर अनुपपुर ने किया था बहुत बडी बात है एटक के कल्याण समिति के सदस्यों ने कहा इस सड़क का निर्माण बेहतर हो रहा है किंतु इसकी पूर्ण गुणवत्ता के लिए हम इंतजार करेंगे एटक प्रबंधन के अच्छे कामों का समर्थन करता है और अगर कहीं कमी रह जाएगी तो हम हमेशा विरोध करते रहेंगे एटक अपने स्वार्थ के लिए न प्रबंधन का समर्थन करता है न विरोध करता है यह बात मजदूर अच्छी तरह से जानते हैं  सुधीर कुमार महाप्रबंधक के अगुवाई में जमुना कोतमा क्षेत्र मजदूरों के घरों में समुचित रखरखाव पीने के पानी सड़क आदि कल्याणकारी कार्यों के लिए 11 करोड़ रुपए बजट की मांग की है एसईसीएल प्रबंधन एवं एसईसीएल कल्याण बोर्ड की जिम्मेदारी है 11 करोड़ रूपया क्षेत्र को दिलवाए ताकि जमुना कोतमा क्षेत्र में गुणात्मक कल्याणकारी कार्यों का विस्तार हो सके एटक प्रबंधन को चेतावनी देती है कहीं भी अगर कामों में गुणवत्ता कमी दिखेगी तो हम कड़ाई से विरोध करेंगे लेकिन मजदूरों के साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे देखना यह है अभी तक सिविल विभाग ने जो कल्याणकारी काम के रफ्तार बनाई है अंत तक कायम रहते हैं या पिछले सिविल विभाग के जैसा पिछड़ जाते हैं यह आने वाला वक्त बताएगा

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