*ज़मुना कोतमा क्षेत्र मे गंदगी का अम्बार*
*गोविन्दा कॉलोनी की हालत सबसे बदतर*
संतोष चौरसिया
जमुना कोतमा कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल के ज़मुना कोतमा क्षेत्र का सिविल विभाग और उसके अधिकारियों की कार्य शैली और श्रमिकों के प्रति व्यवहार इतना निम्न स्तर का हो चुका है कि इन्हे इंसान और जानवर मे कोई फर्क नजर नही आता है क्योंकि धृतराष्ट्र जैसे मोह के वशीभूत होकर भ्रष्टाचार को बढावा देने मे पूरी तरह से संलिप्त होकर नैतिक - अनैतिक मे भेद नही दिखता तभी यह भूल ज़ाते हैं कि श्रमिक हित सर्वोपरि है कि ठेकेदार का हित इनमे हिम्मत नही होती कि कंपनी के आर्थिक हित मे काम करते हुये ठेकेदारों के अनुचित कार्य और बिल पर कार्यवाही कर अंकुश य़ा रोक लगा सके इन्हे पता है कि कांच के घर मे रहने वाले दूसरों के घरों मे पत्थर नही मार सकते है आज इनके इसी कार्य आचरण के कारण श्रमिक गंदगी के बीच और पानी से रिसते जर्जर छत के नीचे जीने को मजबूर है पिछले एक वर्ष से सबसे ज्यादा गोविन्दा कॉलोनी निवासी ऐसे माहौल मे रह रहे है एक छोटा अधिकारी सिविल विभाग का जबसे यहां पदस्थ हुआ है तब से एक भी सिविल कार्य किसी भी श्रमिक के आवास मे नही हो रहा है और पूरे कॉलोनी मे सिर्फ और सिर्फ गंदगी है यह छोटा अधिकारी चापलूसी मे माहिर और अति अहम के कारण अपने अधिकारियों का भी अधिकारी बन कर नौकरी करना चाहता है इसी कारण से यह गोविन्दा मे कम और महाप्रबंधक
कार्यालय मे ज्यादा दिखता है दिन भर इसी फिराक मे रहता है कि पूरे क्षेत्र का बिलिंग का कार्य फिर से मुझे मिल जाय यह वही अधिकारी है जिसने ड़ीसेंट हाऊसिंग के द्वारा ज़मुना कॉलोनी मे हुये समस्त सिविल कार्य का एम.बी. बुक खुद भरने के बाद उसमे हस्तक्षर कर "चेक्ड" मे भी हस्तक्षर कर बकायदा ठेकेदार को उसका बिल भुगतान करवा दिया जबकि ऐसा कृत्य नियम विरुद्ध है ये भूल ज़ाते हैं कि आपके कार्यकाल का पूरा हिसाब किताब कोई और भी रख रहा है कौवा कितना भी होशियार हो परंतु चोंच .....मार ही देता है गोविन्दा कॉलोनी के सैकडो श्रमिकों ने कोयला मजदूर सभा एच एम एस के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला से कॉलोनी मे गंदगी और छत रिसाव के बारे मे अपनी व्यथा बताया, इस पर श्री शुक्ला ने कहा कि मेरे पास आपमे से किसी ने कॉलोनी मे व्याप्त गंदगी का फोटो भेजा था मैने वहां के सिविल इंजी नियर को कार्यवाही के लिये भेज दिया है उन्होने अपने जबाब मे लिखा कि "सर कार्य चालू है सफाई के बाद फोटो भेजता हूँ l" अर्थात वे खुद स्वीकार कर रहे हैं कि गंदगी है इनके विरुद्ध मुझे शिकायत रोज गोविन्दा से आ रही है यह भी सच है कि छत से पानी रिस रहा है पूरे क्षेत्र के आवासों मे छत मे कोल टारफेल्टिंग का कार्य किये जाने की बात मैने किया है यदि सिविल विभाग शीघ्र पूरे क्षेत्र मे सफाई और सीपेज मरम्मत का कार्य नही करता है तब श्रमिकों से लिखित शिकायत लेकर सिविल के दोषी अधिकारियों की शिकायत उच्च अधिकारियों के साथ सी बी आई और कोयला मन्त्रालय तक किया जवेगा, इसलिये ऐसे अधिकारी शिकायत और जांच के लिये भी तैयार रहें क्योंकि अब श्रमिकों की पीडा असहनीय और बरदास्त के बाहर हो चुका है
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