*पडौर बीट पर बेशकीमती सागौन के पेड की अवैध कटाई जोरों पर*
*प्लांटेशन पर करोड़ों खर्च नहीं हो रही पेड़ों की सुरक्षा*
*सागौन जैसे बेशकीमती पेड को माफियाओं ने सैकड़ों पेड किया नेस्तनाबूत*
संतोष चौरसिया
जमुना कोतमा अनूपपुर शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र पेड़ों से ही हमें ऑक्सीजन प्राप्त होता है। स्वस्थ्य जीवन के लिए पर्यावरण का स्वच्छ रहना अनिवार्य है। इसके लिए हमारे आसपास पेड़ पौधों की अधिकता बेहद जरुरी है। वृक्षों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण पर इसका बुरा असर पड़ने की संभावना तीव्र हो गई है। कुछ लोग अपनी निजी आर्थिक लाभ के कारण हरे भरे पौधों को भी काटने से बाज नहीं आ रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों,बीट गार्ड की लापरवाही के कारण जिले में वृक्षों की कटाई बदस्तूर जारी है। प्लान्टेशन पर सरकार करोड़ों रुपए पौधे लगाने में खर्च कर रही है। उसी पलान्टेसन पर लगे पेड़ों की कटाई सरकार के सपनों को चकनाचूर कर दिया है।
*यह है मामला*-
जिले के कोतमा रेंज के लतार सर्किल स्थित पडौर बीट पर वन विभाग के द्वारा रिजर्व फॉरेस्ट 445 मे करीब 10 वर्षों पूर्व सागौन जैसे कीमती पेडो का प्लान्टेसन करवाया था। अब उस प्लान्टेसन सागौन जैसे कीमती पेड़ बड़े होकर तैयार हो रहे हैं।परन्तु सूत्रों के माध्यम से पता चला है कि बीटगार्ड वा माफियाओं के साथ बड़े पैमाने में सैकड़ों की तादाद पर सागौन की लकड़ी का अवैध कटाई जोरों पर चल रहा है
*अधिकारियों का वेट निरीक्षण बना खानापूर्ति* -
अनूपपुर जिले के सभी वन कार्यालयों मे जिले के वन मंडल अधिकारी उप मंडल अधिकारी रेंजर डिप्टी रेंजर के द्वारा समय समय के अंतराल पर बीट निरीक्षण का प्रावधान है परंतु जिस तरह से बड़े पैमाने पर माफियाओं के द्वारा बेशकीमती लकड़ियों का नरसंहार किया जा रहा है लगता है कि बीट निरीक्षण मात्र खानापूर्ति बन कर रह चुका है।
*जनता ने बताया नये रेंजर के रिपोर्ट कार्ड*
कोतमा वन विभाग में नए रेंजर की पदस्थापना से क्षेत्र ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के आम लोगों पर खुशी का माहौल देखा जा रहा था कि अब जंगल सुरक्षित रहेगा जंगल काटने मे लगे सक्रिय माफियाओ पर अंकुश लगेगा परंतु नए रेंजर तो पदस्थापना के बाद एक सूत्रीय कार्यक्रम ट्रैक्टर प्रकरण में लग चुके हैं। हद तो तब हुआ कि बदरा में जब दो ट्रैक्टर मिट्टी के कार्य में लगे हुए थे और खाली ट्रैक्टर को रेंजर व उनके कर्मचारी ट्रैक्टर को खींच कर वन विभाग कार्यालय ले जाकर प्रकरण पंजीबद्ध कर दिया गया। सूत्रों के माध्यम से पता चला है कोतमा वन विभाग मे आधा दर्जन ट्रैक्टर प्रकरण में रेंजर अपने कर्मचारियों के माध्यम से ट्रैक्टर छोड़ने के लिए लाखों रुपए की मांग कर रहे हैं।
*जिम्मेदार बेखबर*
इस संबंध में जब अनूपपुर जिले के जिला फॉरेस्ट ऑफीसर एमके बघेल के मोबाइल नंबर 942 4794 255 पर संपर्क किया गया तो घंटी जाती रही उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा इसी
*इनका कहना है*
कोतमा वन परीक्षेत्र सर्किल लतार के बीट परौड में अगर सागौन के पेड़ों की कटाई हुई है तो आपने जानकारी देकर अच्छा किया है मैं तत्काल पूरे मामले को दिखावाता हूं
टीके वर्मा
सीसीएफ शहडोल
गौरतलब है कि कोतमा रेन्ज के लतार सर्किल के बीट पडौर पर अंधाधुंध हो रही सागौन के पेड़ों की कटाई से ग्रामीणो में काफी रोष देखा जा रहा है। अगर समय रहते पेड़ों की कटाई पर रोक नहीं लगाई गई तो वनों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा
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