*कालरी में मृत्यु उपरांत भुगतान पाने हेतु दर-दर भटक रहे हैं परिजन लोग*
*नौकरी के बदले आर्थिक मदद के लिए 4 वर्षों से भटक रही विधवा महिला*
*तो ग्रेजुएटी पीएफ लिव-इन केशमेंट के लिए छः माह से भटक रही विधवा महिला*
*महाप्रबंधक से न्याय की गुहार*
संतोष चौरसिया
जमुना कोतमा कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल जिसे मिनी रत्न व महारत्न का दर्जा प्राप्त है एक्चुअली में धरातल में ऐसा कुछ दिखता नजर नहीं आ रहा है क्योंकि कालरी कर्मचारी के मृत्यु उपरांत 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी नौकरी के बदले आर्थिक मुआवजा नहीं मिला वहीं पर कई महिलाओं को लगभग 6 माह बीत जाने के बाद भी ग्रेजुएटी कि अब एवं लीव इनकेसमेंट का भुगतान न किए जाने का मामला प्रकाश में आया है
*4 वर्षों से भटक रही विधवा मुन्नी बाई*
जिसमें पहला मामला मुन्नी बाई पत्नी स्वर्गीय वंश राम ग्राम दार सागर पोस्ट भाद ने महाप्रबंधक को पत्र लिखकर मांग किया है कि उसके पति स्वर्गीय वंश राम आत्माज श्री मनोहर वरतराई कालरी में टामर के पद पर कार्यरत हैं जिनकी बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी मेरी उम्र ज्यादा होने के कारण नौकरी के बदले आर्थिक मुआवजा का प्रस्ताव वर्ष 2017 में बिलासपुर भेजा गया था तब से आज तक प्रस्ताव लंबित हैं मुझे बताया गया है कि मुख्यालय बिलासपुर से जो जानकारी भेजने हेतु जमुना कोतमा क्षेत्र को निर्देशित किया जाता है तो उसमें सही जानकारी न भेज कर बहुत विलंब से जानबूझकर जानकारी भेजी जाती है जिसके कारण आज तक मेरा काम नहीं हुआ आवेदिका मुन्नीबाई ने बताया कि वह ऑफिस का चक्कर लगाते लगाते परेशान हो गई है और सब एरिया मैनेजर के द्वारा गलत जानकारी भेज कर मुझे परेशान किया जा रहा है
*छःमांह से भटक रही विधवा बेषहनी*
वहीं पर दूसरा मामला बेसहनी पत्नी स्वर्गीय रामलाल ढीमर का सामने आया है जोकि पिछले 6 माह से ग्रेजुएट पीएफ एवं लिव-इन कैशमेंट के भुगतान के लिए ठोकरें खा रही है बेषहनी ने महाप्रबंधक को पत्र लिखकर बताया कि उसके पति स्वर्गीय रामलाल ढीमर बरतराई खदान में सपोर्ट मिस्त्री के पद पर कार्यरत थे जिनका दिनांक 30 नवंबर 2020 को सेवानिवृत्त के पश्चात दिनांक 4 दिसंबर 2020 को बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी मृत्यु के बाद कार्मिक प्रबंधक के द्वारा बिलासपुर सीएमपीएफ ऑफिस में पत्र भेजकर भुगतान रोकवा दिए थे और बोले थे कि आवेदिका के नाम से भुगतान की कार्रवाई की जाएगी लेकिन कई माह बीतने के बाद भी आज तक किसी भी तरह का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है जिससे मेरा परिवार भुखमरी की मार झेल रहा है बेसहनी ने महाप्रबंधक को बताया कि उसके पास मोबाइल नंबर 6265 211644 से फोन आया जिसमें यह कहा जा रहा था कि मैं ग्रेजुएटी बड़वा कर काम करवा दूंगा मैंने मना कर दिया तो इसी वजह से मुझे परेशान किया जा रहा है मुझे यह भी पता चला है कि फोन करता कार्मिक प्रबंधक का दलाल है
*भुगतान के लिए दर-दर भटक रही जग्गी बाई*
इसी तरह तीसरा मामला जग्गी भाई पत्नी स्वर्गीय जयकुमार निवासी हरद का सामने आया है जिसने महाप्रबंधक को पत्र लिखकर बताया कि उसके पति स्वर्गीय जयकुमार पिता रामसहाय वरतराई कालरी में टामर के पद पर कार्यरत थे जिनकी रोड एक्सीडेंट में दिनांक 23 अक्टूबर 2020 को मृत्यु हो गई थी उसके बाद दिनांक एक जनवरी 2021 को उप क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में मृतक कर्मचारी को मिलने वाले देयक का भुगतान करने का आवेदन की थी किंतु भुगतान न होने पर पुनः दिनांक 19 अप्रैल 2021 को आवेदन देकर शीघ्र प्रदान कराने का निवेदन किया था किंतु आज दिनांक तक किसी भी तरह का कोई भुगतान नहीं मिला है जिसके कारण जग्गी बाई का परिवार भुखमरी की कगार पर है घर का खर्चा चलाना मुश्किल है घर में कोई दूसरा व्यक्ति कमाने वाला नहीं है जग्गी बाई ने महाप्रबंधक को बताया कि उसका एक लड़का है जो दोनों आंखों से अंधा है ऐसी स्थिति में एक आदमी को घर में रहकर उसकी देखरेख करना पड़ता है आमाडाड़ खदान के अधिकारी आवेदिका की परेशानी को नहीं समझ रहे हैं पैसा न मिल पाने के कारण मैं नौकरी में लगने वाला कागज नहीं बनवा पा रही हूं जिससे मेरा पूरा परिवार भूखा मर रहा है
*महाप्रबंधक से कार्यवाही की मांग*
इन तीनों पीड़ितों ने क्षेत्र के लोकप्रिय महाप्रबंधक सुधीर कुमार जो क्षेत्र के विकास के साथ-साथ लोगों की मदद करने के लिए जाने जाते हैं उनसे इन पीड़ितों मे मुन्नी बाई ने नौकरी के बदले आर्थिक मुआवजा का लंबित प्रकरण दिलाए जाने की मांग की है वही बेसहनी ने ग्रेजुएटी पीएफ एवं लीव कैशमेंट के भुगतान की मांग की है वहीं तीसरी पीड़िता जग्गी बाई ने एलसीएल ग्रेजुएटी एवं पीएफ का पैसा भुगतान कराए जाने की मांग किया है
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