क्षेत्रीय चिकित्सालय मे करोना मरीज के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं लालमन सिंह**कॉलरी कर्मचारी शतानंद पंप ऑपरेटर की घंटों तड़पने के बाद हुई मौत*

*क्षेत्रीय चिकित्सालय मे करोना मरीज के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं लालमन सिंह*
*कॉलरी कर्मचारी शतानंद पंप ऑपरेटर की घंटों तड़पने के बाद हुई मौत*
संतोष चौरसिया
जमुना कोतमा एसईसीएल के जमुना कोतमा क्षेत्र में संचालित क्षेत्रीय चिकित्सालय कोतमा कालरी कर्मचारियों के इलाज विशेषकर करोना संक्रमित के इलाज में भारी लापरवाही की जा रही है
उक्त संबंध में संयुक्त कोयला मजदूर संघ एटक के क्षेत्रीय महामंत्री लालमन सिंह ने महाप्रबंधक सुधीर कुमार को पत्र लिखकर बताया कि कोतमा कालरी चिकित्सालय में कोरोना का इलाज करा रहे श्री सदानंद पंप ऑपरेटर का ऑक्सीजन लेवल दिनांक 8 मई 2021 को 80 हो गया था ऐसी स्थिति में करोना केयर सेंटर में कार्यरत स्टाफ के द्वारा मरीज को ऑक्सीजन नहीं लगाया गया और बोला जा रहा था कि हमारे पास ऑक्सीजन नहीं है संघ के हस्तक्षेप करने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा संघ को जानकारी दी गई कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है मैं बात करता हूं इसके बाद मरीज को अक्सीजन लगाया गया था उक्त घटना से ऐसा प्रतीत होता है कि करोना केयर सेंटर के स्टाफ व वहां की देखरेख करने वाले डॉक्टर के आपसी सामंजस्य का अभाव है और पुनः दिनांक 11 मई 2021 को उक्त मरीज शतानंद का ऑक्सीजन लेवल 65 हो गया तब उसे आनन-फानन में रायपुर बालाजी अस्पताल के लिए रेफर किया गया किंतु एंबुलेंस न उपलब्ध होने के कारण दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक मरीज जीवन मृत्यु से जूझते हुए क्षेत्रीय चिकित्सालय में पड़ा रहा और बाद में उक्त कर्मचारी की मौत हो गई
श्री लालमन सिंह ने कहा कि हमारा संघ ऐसी लापरवाही की घोर निंदा करता है और भविष्य में एंबुलेंस के अभाव में यदि कोई मरीज 6 घंटे तक तड़पता रहेगा और फिर उसकी मौत हो जाए ऐसी स्थिति में कोई कुछ कहा नहीं जा सकता इसलिए संघ महाप्रबंधक महोदय से मांग करता है कि क्षेत्रीय चिकित्सालय के कोविड-19 केयर सेंटर में हो रही लापरवाही पर अंकुश लगाने की कार्यवाही किया जाए जिससे भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो लालमन सिंह ने इसकी सूचना महा प्रबंधक संचालन जमुना कोतमा क्षेत्र क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक जमुना कोतमा क्षेत्र क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी जमुना कोतमा क्षेत्र को भी दे दी है अब देखना यह है कि उक्त कोविंड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं में कुछ सुधार होता है या यूं ही चलता रहेगा और कालरी कर्मचारी तड़प तड़प कर मरते रहेंगे

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