आंगनबाड़ी बच्चो के मुंह का छीनकर निवाला, आपदा में अवसर बना रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
मामला कोतमा नगरपालिका अंतर्गत आंगनबाड़ी का
आपात काल में काली कमाई के अवसर की तलाश
कोतमा। देश में फैली महामारी के चलते सरकार के निर्देशानुसार सभी स्कूल कालेज आंगनबाड़ी केंद्र महीनो से बंद है किंतु सरकार द्वारा बच्चो की राशन समाग्री हर एक महीने समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। जिसका वितरण बच्चों को करने की बजाय कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राशन डेयरी संचालको को बेंचकर काली कमाई में जुड़े हैं।
विदित होकि कोतमा की आंगनबाड़ी में जवाबदार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओ द्वारा बच्चो के नाम का राशन दलिया भी बेच कर काली कमाई की जा रही। कोतमा नगर के एक वार्ड में आंगनबाड़ी में कार्यरत महिला कार्यकर्ता द्वारा प्रति सप्ताह मिलने वाले बच्चो के खाद्यान का उठाव तो लिया जा रहा मगर उस खाद्यान को बच्चों को वितरित करने की बजाय डेयरी संचालक को बेचा जा रहा है। वार्ड वासी जब कभी बच्चों के खाद्यान के विषय मे पूंछते हैं तो यही जवाव मिलता है कि अभी खाद्यान नही आया है। वही बच्चो की दलिया को पशु पालन कर रहे लोगो को बेच कर काली कमाई कर रहे ऐसे लोग बेशर्मी की सीमा तक पार कर चुके है ।इनको किसी का जरा भी भय नही ।
ये लोग सरकार से घर बैठे महीने की पेमेंट तो समय समय पर उठा रहे साथ ही साथ बेखड़क होकर बच्चो के नाम का राशन बेच कर अच्छी खासी मोटी कमाई कर रहे है।।
इन लोगो की इंसानियत तक मर चुकी है जो बच्चो के हक का भोजन और राशन तक बेंच कहा रहे है । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवम अनूपपुर के शासन प्रशासन से उम्मीद है की जल्द से जल्द कठोर कार्यवाही कर ऐसे लोगो को कार्यमुक्त किया जाए। वार्ड वासियों की माननीय कलेक्टर महोदया अनूपपुर एवम एसडीएम महोदय कोतमा से उच्च स्तरीय जांच कर कठोर कार्यवाही की मांग साथ ही ऐसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाद्यान उठाव व वितरण रजिस्टर की जांच कर इनपर कठोर कार्यवाही कर इनकी सेवाएं समाप्त कर देना चाहिए ताकि कोई दूसरा व्यक्ति ऐसा कृत्य ना करे।
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