*कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण के लिए एसईसीएल प्रबंधन करे बेहतर इंतजाम* - *हरिद्वार सिंह*
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कोविड-19 का संक्रमण पूरे देश में चारों तरफ बहुत ही तेजी से फैल रहा है। छत्तीसगढ़ व मध्य प्रदेश राज्य सहित एसईसीएल भी इससे अछूता नहीं है। धीरे धीरे कई शहरों में लॉक डाउन किया जा रहा है।
एसईसीएल संचालन समिति के सदस्य एवं एसकेएमएस(एटक) एसईसीएल के केंद्रीय महामंत्री कामरेड हरिद्वार सिंह ने पत्र लिखकर सीएमडी एसईसीएल, निदेशक मंडल, एवं सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक से मांग किया है कि एसईसीएल के समस्त कर्मचारियों को मास्क एवं सेनिटाइज़ार प्रदान किया जाए, साथ ही खदान के मुहाडे एवं सभी कार्यालयों में निरंतर साफ सफाई किया जाए, ऐसी वस्तुएं अथवा स्थान जिसका प्रयोग सबसे ज्यादा किया जाता है बराबर सेनिटाइज किया जाए, सभी उपक्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय, क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय तथा एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के कार्यालय में ऐसी व्यवस्था रखी जाए कि एक समय अवधि में 50% कर्मचारी ही कार्यालय में कार्य करें ताकि किसी भी समय एक स्थान पर एक साथ अधिक लोग एकत्रित ना हो एवं भीड़ इकट्ठा ना हो सके और सोशल डिस्टेंस का पालन हो सके, एसईसीएल के सभी अस्पतालों में कोरोना वैक्सीन लगाने का तत्काल प्रबंध किया जाए, सभी क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टर सहित समस्त समस्त पैरामेडिकल स्टाफ को संबंधित आवश्यक वस्तुएं एवं पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए, सभी अस्पतालों में कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों के लिए पुनः कोविड सेंटर बनाया जाए, सभी अस्पतालों में कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों के लिए बेड आरक्षित रखा जाए, सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर का पर्याप्त मात्रा में प्रबंध किया जाए तथा आवश्यकतानुसार मरीजों को शीघ रेफर करने का प्रबंध रखा जाए। इत्यादि।
कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा है कि विगत वर्ष कोविड-19 संक्रमण के कारण जब पुरा देश लाॅक डाउन रहा, लोग अपने घरों में रहे, देश के बड़े- बड़े आद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहे तब भी एसईसीएल सहित पूरे कोल इंडिया मे कोयला उत्पादन का कार्य निरंतर जारी रहा। सभी कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर देश व कंपनी हित के लिए कोयला उत्पादन के कार्य में लगे रहे ताकि देश में कोयले की कमी ना हो बिजली आपूर्ति पर असर ना पड़े। विगत वर्ष एसईसीएल में लगभग 50 कर्मचारी की मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई और हमने अपने श्रमिक साथियों को खो दिया। इस बार इसकी पुनरावृति ना हो, इसके लिए आवश्यक उपाय अति शीघ्र किया जाना अति आवश्यक है। जिससे कि कोयला श्रमिक एवं उनके परिवार के सदस्य सुरक्षित रह सके। सभी की जान बच सके और इस महामारी से निकलकर बाहर आ सके। इस महामारी पर विजय प्राप्त किया जा सके।
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