*डोंगरिया खुर्द में हैवी ब्लास्टिंग व क्रेशरों से त्रस्त रहवासी*
 _कोरोनाकाल में शासकीय नियमों व निर्देशों को धता बता रहे क्रेशर संचालक, रात्रि में चोरी छुपे संचालित किए जा रहे क्रेशरों से आम जनता परेशान, हैवी ब्लास्टिंग से आम जनता के साथ साथ पर्यावरण को क्षति पहुंचा रहे जिम्मेदार_ 

कोतमा/ अनूपपुर जिले के कोतमा के निकट डोंगरिया खुर्द में संचालित कई पत्थर खदानों और क्रेशरों की मनमानी से आम जनता व स्थानीय रहवासी त्रस्त हैं। कोरोनाकाल में एक ओर जिला प्रशासन ने क्रेशरों के संचालन पर प्रतिबंध लगा रखा है तो दूसरी ओर डोंगरिया खुर्द में पत्थर खदानों और क्रेशरों में सारे नियम कायदों की बखिया उधेड़कर ब्लास्टिंग करते हुए रात्रि में क्रेशर संचालित किए जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिन के समय प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने का काम करने वाले क्रेशर संचालक क्रेशरों को दिन में पूरी तरह से बंद रखते हैं और रात होते ही पत्थर खदानों में हैवी ब्लास्टिंग शुरू हो जाती है और पूरी रात क्रेशर चलाए जा रहे हैं, जिससे आसपास का वातावरण पूरी तरह से धूल धूसरित हो जाता है और स्थानीय रहवासियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। एक ओर ऑक्सीजन की कमी और सांस लेने में तकलीफ होने के कारण जिले भर में हाहाकार मचा हुआ है और दूसरी ओर ये क्रेशर संचालक वायुमंडल में धूल रूपी जहर घोलकर आम जनता की तकलीफें दो गुनी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। स्थानीय रहवासियों ने जल्द कार्यवाही की उम्मीद लगाए प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई है कि इस हैवी ब्लास्टिंग पर रोक लगाई जाए और साथ ही इन क्रेशर संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए।